Hindi Full //top\\ - Palitana 5 Chaityavandan In

जैन आगमों के अनुसार, चैत्यवंदन का अर्थ है प्रभु के गुणों का कीर्तन करना और अपनी आत्मा को शुद्ध करना। पालिताना की पावन भूमि पर पैर रखते ही आत्मा के कर्मों का क्षय होने लगता है। यहाँ पांच विशेष स्थानों पर चैत्यवंदन करने से जीव को अनंत गुना पुण्य की प्राप्ति होती है और संसार चक्र से मुक्ति का मार्ग प्रशस्त होता है।

目次